➤ इच्छामृत्यु मामले से जुड़े हरीश राणा का कांगड़ा से संबंध
➤ सुप्रीम कोर्ट ने 13 साल से कोमा में मरीज को दी पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति
➤ स्थानीय लोगों ने जताई गहरी संवेदना, परिवार से जुड़ा भावनात्मक रिश्ता
देशभर में चर्चा का केंद्र बने इच्छामृत्यु मामले में गाजियाबाद निवासी Harish Rana का संबंध हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से जुड़ा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, उनके परिवार की जड़ें जयसिंहपुर उपमंडल की पंचायत सरी के प्लेटा गांव से रही हैं। जैसे ही यह बात सामने आई, क्षेत्र के लोगों में इस मामले को लेकर गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही परिवार लंबे समय से प्रदेश से बाहर रह रहा हो, लेकिन अपने पैतृक गांव से उनका जुड़ाव हमेशा बना रहता है।
पंचायत सरी की निवर्तमान प्रधान रीमा कुमारी ने भी पुष्टि करते हुए बताया कि हरीश राणा के पूर्वज मूल रूप से प्लेटा गांव के निवासी थे। उन्होंने कहा कि बाद में उनके पिता अशोक राणा रोजगार के सिलसिले में प्रदेश से बाहर जाकर बस गए थे, लेकिन परिवार के सदस्य समय-समय पर अपने गांव आते-जाते रहे हैं। यही कारण है कि यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इसे अपने क्षेत्र से जुड़ा मानते हुए गहरी संवेदना जताई है।
इस पूरे मामले ने देशभर को भावुक कर दिया है। Supreme Court of India ने 11 मार्च को एक ऐतिहासिक फैसले में हरीश राणा को पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दी। हरीश राणा वर्ष 2013 में पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र थे और एक दुर्घटना में चौथी मंजिल से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। इस हादसे के बाद वे कोमा में चले गए और पिछले 13 वर्षों से बेहोशी की हालत में थे।
डॉक्टरों के अनुसार उनके ठीक होने की संभावना लगभग समाप्त हो चुकी थी। इन वर्षों के दौरान उनके पिता अशोक राणा ने लगातार बेटे के ठीक होने की उम्मीद में संघर्ष किया, लेकिन लंबे इलाज और मेडिकल राय के बाद अंततः अदालत ने इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी। यह फैसला देश में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
परिवार में उनके पिता अशोक राणा, मां निर्मला देवी, भाई आशीष और बहन भावना हैं। इस फैसले के बाद जहां एक ओर चिकित्सा और कानूनी दृष्टि से इसे ऐतिहासिक माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह एक परिवार के लिए अत्यंत दर्दनाक और भावनात्मक क्षण है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।



